नई दिल्ली
एशियन गेम्स 2026 में भारत की 17 वर्षीय युवा तीरंदाज कुमकुम मोहद ने इतिहास रच दिया है। महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा के बेहद उतार-चढ़ाव और रोमांच से भरे फाइनल मुकाबले में कुमकुम ने दक्षिण कोरिया की दिग्गज तीरंदाज ओह येजिन को शूट-ऑफ में पछाड़कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। एशियन गेम्स के इतिहास में यह पहला मौका है जब भारत ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी में गोल्ड मेडल जीता है। इसके साथ ही मौजूदा एशियाई खेलों में कुमकुम का यह दूसरा स्वर्ण पदक है जबकि भारतीय तीरंदाजों का इस साल यह 5वां गोल्ड रहा।
शुरुआती सेट में पिछड़ने के बाद की शानदार वापसी
गोल्ड मेडल मुकाबले की शुरुआत भारतीय तीरंदाज के लिए आसान नहीं रही। दक्षिण कोरिया की ओह येजिन ने पहला सेट 29-27 से जीतकर बढ़त बनाई। इसके बाद दूसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला और सेट 29-29 से बराबर रहा जिससे कुमकुम 1-3 से पिछड़ गईं। हालांकि, दबाव के बावजूद 17 साल की कुमकुम ने हिम्मत नहीं हारी और तीसरे सेट में लगातार तीन परफेक्ट 10 लगाकर शानदार वापसी की और मुकाबले को 3-3 से बराबर कर दिया।
सांस रोक देने वाले मोड़ पर पहुंचा मुकाबला
चौथे सेट में एक 8 के स्कोर के कारण कुमकुम को सेट गंवाना पड़ा और वह 3-5 से पीछे हो गईं। अब पांचवां सेट कुमकुम के लिए करो या मरो का बन चुका था। यहां भारतीय सनसनी ने अपने अदम्य साहस और सटीक निशानेबाज़ी का मुजाहिरा करते हुए पांचवां सेट जीता और मुकाबले का स्कोर 5-5 से बराबर कर लाइव मैच को शूट-ऑफ में धकेल दिया।
शूट-ऑफ में परफेक्ट 10 से रचा इतिहास
शूट-ऑफ में गोल्ड मेडल का फैसला केवल एक-एक तीर से होना था। दबाव के इस पल में दक्षिण कोरिया की ओह येजिन चूक गईं और केवल 8 का स्कोर ही कर सकीं। इसके ठीक बाद कुमकुम मोहद ने बिना किसी झिझक के सटीक निशाना साधते हुए परफेक्ट 10 जड़ा और भारत को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिला दिया। पहले ही लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक का टिकट पक्का कर चुकीं कुमकुम की इस अविश्वसनीय खिताबी जीत से पूरे देश में खुशी की लहर है।

