उज्जैन
धर्मनगरी उज्जैन में रक्षाबंधन का पर्व आस्था, संस्कृति और पारिवारिक भाव का अनूठा संगम बनकर उभरा है। विश्वप्रसिद्ध महाकाल मंदिर के समीप स्थित प्रसिद्ध बड़ा गणेश मंदिर में इस बार भी रक्षाबंधन पर एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। भगवान गजानन को अपना सगा भाई मानने वाली बहनों ने न केवल देश के विभिन्न राज्यों, बल्कि सात समंदर पार से भी रक्षासूत्र भेजे हैं।
15 फीट ऊंची भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा वाले इस ऐतिहासिक मंदिर में वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है। पंडित अक्षत व्यास के अनुसार भगवान शिव और माता पार्वती को जगत माता-पिता माना जाता है, इसी भाव से महिलाएं भगवान गणेश को अपना भाई मानती हैं। इस वर्ष विघ्नहर्ता के लिए मुंबई, बेंगलुरु, जयपुर, कोलकाता, भोपाल और इंदौर के अलावा अमेरिका, लंदन और हांगकांग से भी भव्य राखियां पहुंची हैं।
रक्षाबंधन पर भगवान गणेश को 51 फीट लंबी बेहद भव्य और विशेष राखी अर्पित की जाएगी। मुंबई की श्रद्धालु राजकुमारी जैन द्वारा भेजी गई सोने की गिन्नी से सुसज्जित राखी भगवान की कलाई पर सजाई जाएगी। यह परंपरा केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं है, बल्कि बहने पूरे परिवार के प्रति सम्मान और प्रेम प्रकट करती हैं।
रिद्धि और सिद्धि के लिए आई साड़ी
भगवान गणेश की पत्नियों रिद्धि और सिद्धि को भाभी का दर्जा देते हुए बहनों ने उनके लिए रेशमी साड़ियां भेजी हैं। गजानन के वाहन मूषक महाराज के लिए विशेष नक्काशीदार आसन भेंट स्वरूप भेजे गए हैं।
भद्रामुक्त रक्षाबंधन, दिनभर रहेगा शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यों और पंचांग गणना के अनुसार, इस बार भद्रा का साया 27 अगस्त की रात को ही समाप्त हो जाएगा। 28 अगस्त (श्रावण शुक्ल पूर्णिमा) को पूरे दिन और प्रदोष काल में भद्रा का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में श्रद्धालु बिना किसी विघ्न के शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश को रक्षासूत्र अर्पित कर रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मना सकेंगे।

