हल्की बारिश में दलदल बना सीएम राइज स्कूल मार्ग, छात्रों की बढ़ी परेशानी

भितरवार
 भितरवार स्थित सांदीपनी सीएम राइज (मॉडल) स्कूल तक पहुंचने वाला मार्ग एक बार फिर बदहाल स्थिति के कारण चर्चा में है। हल्की बारिश के बाद ही सड़क कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई, जिससे स्कूल आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शनिवार को हुई हल्की सी बारिश के बाद मार्ग पर कई जगह पानी और कीचड़ जमा हो गया, जिससे विद्यार्थियों की साइकिलें और स्कूटियां फिसलती नजर आईं। कई छात्र-छात्राओं को वाहन हाथ से पकड़कर निकलना पड़ा, जबकि पैदल चलने वाले विद्यार्थियों को भी काफी कठिनाई झेलनी पड़ी।

बताया जाता है कि यह समस्या पिछले कई दिनों से बनी हुई है। जरा सी बारिश के दौरान में यह मार्ग दलदल का रूप ले लेता है, कई बार संबंधित जिम्मेदारों के संज्ञान में लाने के बाद भी अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। विद्यालय में अध्ययनरत सैकड़ों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को प्रतिदिन इसी रास्ते से आवागमन करना पड़ता है। ऐसे में सड़क की जर्जर स्थिति उनकी सुरक्षा और शिक्षा पर भी सवाल खड़े कर रही है।

शनिवार को बारिश के बाद जैसे ही उक्त मार्ग पर फिसलन बढ़ी तो छुट्टी के बाद अपने घर की ओर जा रहे छात्रों को गिरते और उठते हुए देख कर स्कूल की जागरूक शिक्षिका मनीषा राजोरिया के द्वारा इस बदहाल मार्ग के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए गए, जो देखते ही देखते व्यापक रूप से वायरल हो गए। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि छात्र-छात्राएं कीचड़ से बचते हुए किसी तरह स्कूल से बाहर निकल रहे हैं, जबकि कई दोपहिया वाहन कीचड़ में फिसलते दिखाई दे रहे हैं। इन तस्वीरों ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों का कहना है कि यह विद्यालय क्षेत्र का प्रमुख शिक्षण संस्थान है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पहुंचते हैं। इसके बावजूद सड़क की हालत इतनी खराब है। उन्होंने मांग की है कि बारिश के मौसम को देखते हुए मार्ग की तत्काल मरम्मत कराई जाए और स्थायी सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो लगातार हो रही बारिश के बीच स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा किसी दिन बड़ा हादसा भी हो सकता है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर हैं कि वे विद्यार्थियों की इस गंभीर समस्या का कब तक स्थायी समाधान कराते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *