गांव-गांव में मुनादी कराकर ग्रामीणों को करें जागरूक, जिससे अधिक से अधिक पशुपालक अपने पशुओं का करा सकें टीकाकरण

गांव-गांव में मुनादी कराकर ग्रामीणों को करें जागरूक, जिससे अधिक से अधिक पशुपालक अपने पशुओं का करा सकें टीकाकरण

पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल ने डिंडोरी जिले की ग्राम पंचायत बरगांव में वृहद पशु टीकाकरण अभियान का किया शुभारंभ

35 गांवों में पहुंचेगी 50 टीमें

भोपाल 

पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल ने डिंडोरी जिले के विकासखंड शहपुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बरगांव में मंगलवार को वृहद पशु टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। अभियान के अंतर्गत 35 गांवों में 50 टीमों द्वारा घर-घर पहुंचकर पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। इस टीकाकरण अभियान का उद्देश्य गलघोंटू जैसे संक्रामक रोगों की रोकथाम कर पशुधन को सुरक्षित रखना है, जिससे पशुपालकों को होने वाली आर्थिक हानि से बचाया जा सके।

इस अवसर पर मुख्य अतिथियों ने 4 बसों एवं 18 चार पहिया वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों में पशु चिकित्सक, पैराबेट, सहायक एवं अन्य तकनीकी कर्मचारी शामिल हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर पशुओं का टीकाकरण करेंगे।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके, सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते, विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम सहित राजकुमार मटाले (अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख), कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, डॉ. राखी वैश्य (डीन, वेटरनरी कॉलेज जबलपुर), डॉ. मंजीत शर्मा (कुलगुरु, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय), मनोहर लाल साहू, सुनील कांत, एच.पी. शुक्ला, डॉ. आदित्य मिश्रा, डॉ. सुनील मिश्रा, डॉ. कृष्ण कुमार एवं सतीश चौबे राष्ट्रीय संयोजक अखिल भारतीय सहित अन्य अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।

पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री पटेल ने टीकाकरण शिविर का अवलोकन कर अधिकारियों को अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन पशुपालकों के हित में लगातार कार्य कर रहा है तथा पशुओं को रोगमुक्त रखने के लिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा गांव-गांव में मुनादी कराकर ग्रामीणों को जागरूक किया जाए, जिससे अधिक से अधिक पशुपालक अपने पशुओं का टीकाकरण करा सकें।

इस अभियान में नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर, पशुपालन विभाग जबलपुर एवं पशुपालन विभाग डिंडोरी के चिकित्सकों एवं तकनीकी टीम का विशेष सहयोग रहा।

 

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