हेड कॉन्स्टेबल की 46 अचल संपत्तियों की जांच, भोपाल से हो रही मॉनीटरिंग; जमीन सौदों पर संदेह

इंदौर
 पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल चालक फिरोज खान की करीब 64 करोड़ रुपए की संपत्तियों के मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। अब लोकायुक्त मुख्यालय भोपाल से मामले की मॉनिटरिंग की जा रही है।जांच एजेंसी फिरोज खान से जुड़ी अन्य संभावित संपत्तियों के साथ पत्नी, परिचितों और कुछ अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। जमीनों की खरीद-फरोख्त में कथित गड़बड़ियों और स्टाम्प ड्यूटी में अनियमितता के पहलुओं पर भी जांच केंद्रित है।

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कुछ जमीनों के सौदों में शासन को राजस्व का नुकसान पहुंचने की आशंका है। एजेंसी यह पता लगा रही है कि रजिस्ट्री में दर्ज कीमत, संपत्ति की वास्तविक कीमत और जमा की गई स्टाम्प ड्यूटी में कोई अंतर तो नहीं था।

स्कीम 94 की संपत्ति और महिला की जमीन भी जांच के दायरे में
जांच में स्कीम 94 की एक संपत्ति के लेन-देन पर भी फोकस किया जा रहा है। इसके अलावा मगरखेड़ा निवासी कस्तूरी बाई की जमीन से जुड़ा मामला भी सामने आया है। कस्तूरी बाई की मृत्यु हो चुकी है। अब इस जमीन के लेन-देन और उससे संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। हालांकि, इस मामले में किसी गड़बड़ी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

रजिस्ट्रियों में गवाह की भूमिका पर भी सवाल
फिरोज खान की पत्नी हिना खान, महिला मित्र और अन्य परिचितों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। कुछ नए नाम सामने आने की जानकारी मिली है। सूत्रों के अनुसार, कुछ जमीनों की रजिस्ट्रियों में फिरोज खान गवाह के रूप में दर्ज हैं। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि इन सौदों में उनकी क्या भूमिका थी और वे जमीन बेचने वाले पक्ष की ओर से गवाह बने थे या खरीदने वाले पक्ष की ओर से।

जानकारी के मुताबिक, कुछ जमीनें पत्नी से जुड़ी फर्म के नाम पर खरीदी गई थीं। एजेंसी इन संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल हुए धन के स्रोत और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

46 अचल संपत्तियों की जानकारी, अन्य संपत्तियां भी तलाशी जा रहीं
लोकायुक्त की जांच में अब तक फिरोज खान और उनसे जुड़े लोगों के नाम पर 46 अचल संपत्तियों की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। एजेंसी संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व, खरीद के लिए धन के स्रोत और कथित आय से उनके संबंध की जांच कर रही है।

जांच का दायरा फिरोज खान तक सीमित नहीं है। उनके करीबी अधिकारियों और अन्य लोगों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जानकारी भी जुटाई जा रही है। सोशल मीडिया पर सामने आ रहे दावों और लेन-देन से जुड़े नए सुरागों की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं कोई अन्य संपत्ति या वित्तीय लेन-देन जांच से बाहर तो नहीं है।

फिलहाल संपत्तियों की खरीद, स्टाम्प ड्यूटी में कथित अनियमितता और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच जारी है। इन पहलुओं पर आधिकारिक पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

 

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