Petrol-Diesel Price Cut: 2 साल बाद बड़ी राहत, पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 हुआ सस्ता, जानें किस कंपनी ने घटाए दाम

नई दिल्ली

प्राइवेट सेक्टर की दिग्गज तेल कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने देश के आम नागरिकों को राहत देते हुए रिटेल नेटवर्क पर पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है. नई दरें बुधवार, 1 जुलाई 2026 से लागू कर दी गई हैं।  अब भोपाल में पेट्रोल की कीमत 119.79 रुपए और डीजल 102.57 रुपए पर आ गया है। नायरा के देशभर में 7 हजार से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं।

इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, कंपनी की तरफ से कम की गईं कीमतें पूरे देश में नयारा (Nayara) के 7000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों  पर लागू होगी.हालांकि, अलग-अलग राज्यों में वैट (VAT) और दूसरे लोकल टैक्स में अंतर के कारण पंप की कीमतों में थोड़ा-बहुत अंतर दिख सकता है। 

आज प्राइवेट रिटेलर ने भले ही पेट्रोल-डीजल के दाम घटा दिए हैं, लेकिन सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) – ने रिटेल फ्यूल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. ये तीनों कंपनियां मिलकर भारत के एक लाख से ज्यादा फ्यूल स्टेशनों को संभालती हैं। 

प्रमुख शहरों में अनुमानित कीमतें
शहर            पेट्रोल की अनुमानित कीमत     डीजल की अनुमानित कीमत     सरकारी तेल कंपनियों के रेट
दिल्ली            97.12 रुपये                                          92.20 रुपये            102.12 और 95.20 रुपये
नोएडा            96.96 रुपये                                          87.03 रुपये           101.96 और 90.03 रुपये
मुंबई              106.21 रुपये                                       91.50 रुपये            111.21 और 94.50 रुपये

7000 पेट्रोल पंपों पर सस्ता पेट्रोल-डीजल
Nayara Energy रूस की रोसनेफ्ट समर्थित फ्यूल कंपनी है. इसने हाल ही  भारत में अपने पेट्रोल पंप की संख्या 7,000 के पार पहुंचाई है और इसके साथ ही ये प्राइवेट सेक्टर की देश की सबसे बड़ी पेट्रोल-डीजल रिटेल सेलर के रूप में उभरी है. तेल की कीमतों पर बीते कुछ समय में महंगाई की मार से इस कंपनी ने अब अपने देशव्यापी नेटवर्क पर पेट्रोल प्राइस में 5 रुपये और डीजल प्राइस में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती का तोहफा दिया है। 

इंडस्ट्री के सूत्रों ने बताया कि नायरा के 7,000 से ज्यादा फ्यूल स्टेशनों पर नई कीमतें 1 जुलाई 2026 से लागू कर दी गई हैं. यहां ध्यान रहे कि विभिन्न राज्यों में पेट्रोल पंपों पर Petrol-Diesel Price अलग-अलग हो सकती हैं, जो लोकल टैक्स जैसे वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) पर निर्भर करती हैं। 

सरकारी तेल कंपनियों की कीमतें स्थिर
एक ओर जहां प्राइवेट सेक्टर की नायरा एनर्जी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती करते हुए लोगों को राहत दी है, तो वहीं सरकारी फ्यूल रिटेलर्स ने अपनी कीमतों में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL),  जो मिलकर भारत के एक लाख से ज्यादा पेट्रोल-पंपों में से 90 फीसदी से ज्यादा का संचालन करती हैं, इनपर फ्यूल प्राइस यथावत बने हुए हैं. राजधानी दिल्ली में, IOC आउटलेट्स पर पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है। 

जितनी बढ़ोतरी, उतनी ही की कटौती
गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान युद्ध (US-Iran War) से पैदा हुई ग्लोबल टेंशन के बीच इंटरनेशनल ऑयल प्राइस में तेज उछाल देखने को मिला था. इस दौरान पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा करने के मामले में पहली फ्यूल रिटेलर्स में नायरा एनर्जी भी शामिल थी. बीते 26 मार्च को कंपनी ने अपने पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. अब इतनी ही कटौती भी की है। 

नायरा के बाद करीब चार साल तक स्थिर रखने के बाद भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने भी पेट्रोल-डीजल पर महंगाई का बम फोड़ते हुए देशवासियों को झटका दिया था. इंडियन ऑयल से बीपी, एचपी तक ने मई महीने में एक के बाद एक कई बार Petrol-Diesel Price में बढ़ोतरी की थी और इनकी कीमतों में कुल मिलाकर 7.50 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था. इसके पीछे कंपनियों ने मिडिल ईस्ट युद्ध से पैदा हुए तेल संकट से बढ़ती लागत का हवाला दिया था। 

युद्ध थमने, क्रूड सस्ता होने का असर
नायारा एनर्जी गुजरात के वाडिनार में हर साल 20 मिलियन टन क्षमता वाली तेल रिफाइनरी संचालित करती है. पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह कटौती वेस्ट एशिया में तनाव कम होने और एक अहम समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) के फिर से खुलने के बाद ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट के बाद की गई है. समुद्री रास्ते के खुलने से क्रूड ऑयल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है और इससे सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हो गई है। 

 

 

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