रायपुर
राज्य शासन के महत्वपूर्ण अभियान सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री साय आज पुलिस लाइन हेलीपेड रायपुर से रवाना हुए। इस अभियान में मुख्यमंत्री साय आम नागरिकों से रूबरू होकर सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की स्थिति का लेंगे सीधा फीडबैक। उल्लेखनीय है कि 1 मई से प्रारम्भ सुशासन तिहार 10 जून तक जारी रहेगा।मुख्यमंत्री के साथ दौरे पर प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत कुमार बंसल भी हुए रवाना।
छत्तीसगढ़ में राज्य शासन के महत्वपूर्ण अभियान ‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने बहुप्रतीक्षित प्रदेशव्यापी दौरे का औपचारिक आगाज कर दिया है। मुख्यमंत्री आज सुबह राजधानी रायपुर के पुलिस लाइन हेलीपैड से जिलों के सघन भ्रमण के लिए रवाना हुए। गौरतलब है कि राज्य में सुशासन और पारदर्शिता को नई दिशा देने के लिए 1 मई से इस विशेष अभियान की शुरुआत की गई है, जो आगामी 10 जून तक निरंतर जारी रहेगा। इस दौरे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि मुख्यमंत्री किसी भी जिले या विकासखंड में औचक रूप से पहुंच सकते हैं, जिससे प्रशासनिक अमले में भी सक्रियता बढ़ गई है।
इस महत्वपूर्ण अभियान के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आम नागरिकों और हितग्राहियों से सीधे रूबरू होंगे। वे स्वयं यह परखेंगे कि सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन किस तरह हो रहा है। मुख्यमंत्री का मुख्य जोर जनता से सीधे फीडबैक लेने पर होगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है। ग्रामीणों से संवाद के जरिए वे न केवल उनकी समस्याओं को सुनेंगे, बल्कि मौके पर ही योजनाओं की समीक्षा कर व्यवस्थाओं को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाएंगे।
मुख्यमंत्री के इस महत्वपूर्ण दौरे पर उनके साथ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की टीम भी रवाना हुई है, जिसमें मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल शामिल हैं। सवा महीने तक चलने वाले इस ‘सुशासन तिहार’ के माध्यम से मुख्यमंत्री का उद्देश्य शासन और प्रशासन की जवाबदेही तय करना है। रायपुर हेलीपैड से रवाना होते समय मुख्यमंत्री के तेवरों से साफ़ था कि वे व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री का यह सघन प्रदेशव्यापी दौरा छत्तीसगढ़ में सुशासन की नींव को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

